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डॉ. राजेश अग्रवाल ने 101 बार किया रक्तदान, गत 30 वर्षों से लगातार कर रहे रक्त दान
इंदौर। मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल ने 101वीं बार रक्तदान किया। 30 वर्षों से नियमित अंतराल में रक्तदान करने वाले डॉ. अग्रवाल के परिवार में पत्नी और दोनों बेटे भी रक्तदान का पुनीत कार्य करते हैं। इंदौर का शायद ही कोई अस्पताल हो, जहां डॉ. अग्रवाल ने रक्तदान नहीं किया हो।
सभी ब्लड बैंक के अधिकारी डॉ. अग्रवाल को रक्तदाता के रूप में जानते हैं। डॉ. अग्रवाल का कहना है कि एक स्वस्थ व्यक्ति, जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो और वजन 55 किलो है, वह रक्तदान कर सकता है। चूंकि रक्त को बनाया नहीं जा सकता। इसलिए जब भी किसी का एक्सीडेंट होता है, तो उसे रक्त की आवश्यकता पड़ती है। अधिकांश महिलाओं में खून की कमी होती है और जो महिलाएं प्रसूता होती है उन्हें भी रक्त की आवश्यकता होती है।
हमारे रक्त से किसी के प्राण बचते हैं तो इससे बड़ा पुण्य और कोई नहीं होता है। एक आम रक्तदाता को अपने जन्मदिन या विवाह की वर्षगांठ पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए। डॉ. अग्रवालने देहदान के लिए भी कोर्ट से नोटरी (वसीयत) करा रखी है, ताकि भविष्य में उनकी देह किसी रिसर्च में काम आ सके।
डॉ. अग्रवाल ने नेत्रदान का भी संकल्प लिया है। वैसे तो 3 माह में एक बार 300 एमएल रक्तदान किया जा सकता है, लेकिन डॉ. अग्रवाल ने दो दिन तक लगातार रक्तदान किया है। डॉ. अग्रवाल की मंशा है कि उनका रक्त किसी शहीद परिवार के काम आए।


